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विधानसभा में विशेषाधिकार का मुदृदा 
March 3, 2020 • छोटा अखबार • राज्य

विधानसभा में विशेषाधिकार का मुदृदा 

छोटा अखबार।
जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने विधानसभा में बताया कि विधायकों को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस अवैध होने पर सभापति कार्यवाही कर सकते हैं। नोटिस लीगल होने के साथ किसी अपराध के बारे में है तो उसके बारे में सभापति उचित निर्देश जारी कर सकते हैं। डॉ. बीडी कल्ला ने सत्र के दौरान मेड़ता व भोपालगढ़ विधायकों को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के नोटिस के संबंध में विशेषाधिकार हनन प्रश्न पर वक्तव्य देते हुए कहा कि विशेषाधिकार हनन का प्रश्न विधानसभा अध्यक्ष की उपस्थिति में उनके सामने उठाना चाहिये था। उन्होंने कहा कि नियम 158 के अन्तर्गत विशेषाधिकार प्रश्न उठाने के लिए उसकी लिखित सूचना उस दिन की बैठक प्रारम्भ होने से पूर्व विधानसभा सचिव को देनी होती है।

विधायकों ने ऎसा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि उठाया गया प्रश्न किसी दस्तावेज पर आधारित है तो सूचना के साथ वह दस्तावेज भी सलग्न करें। जिस समय विधान सभा आहूत हो जाये तो उसके बाद कमेटी नहीं बुलानी चाहिये, किन्तु इन्होंने पुलिस की ओर से दिए एक विधिक नोटिस का जिक्र किया है। नोटिस अवैध होने पर सभापति कार्यवाही कर सकते हैं। नोटिस लीगल है और कोई अपराध के बारे में है तो उसके बारे में सभापति उचित निर्देश जारी कर सकते हैं।
डॉ. कल्ला ने कहा कि सदस्य ने विशेषाधिकार प्रश्न उठाने के लिए न तो पहले कोई नोटिस दिया, न पूर्व सूचना दी और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि मूल रूप से विशेषाधिकार का जो प्रश्न उठाया गया, वह इस वक्त अनुचित है। डिबेट चल रही है। इन्हें प्रश्न काल से पहले नोटिस देना चाहिए था। उससे सम्बन्धित दस्तावेज देने चाहिए थे। 
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश की पालना के लिए प्रशासन वहां गया हुआ था। 


न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तीनों संविधान के स्तम्भ हैं। न्यायपालिका के आदेश की क्रियान्विति कराने की जिम्मेदारी है। विधायक विधान सभा के कार्यों में व्यस्त होने के कारण आगे की तारीख मांग सकते हैं। निश्चित रूप से उसको मान लिया जाएगा और उनको आगे की तारीख मिल जाएगी। लेकिन जो लीगल प्रोसेस है उसके अनुसार तो हम सबको ही चलना पड़ेगा। कानून की बाध्यता सब पर है। केस को मैरिट, डी-मैरिट के आधार पर डिसाइड करने का काम न्यायपालिका का है। कार्यपालिका अपना काम करती है, न्यायपालिका अपना काम करती है लेकिन यह बात सही है कि अभी विधान सभा चल रही है। विधायक विधान सभा सत्र में व्यस्त होने के कारण सत्र समाप्ति के पश्चात् उपस्थित होने का लिखकर दे दें। इसे सरकार मंजूर कर लेगी और प्रशासन को मंजूर करना पड़ेगा।