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ट्रंप की भारत यात्रा पर अमरीकी मीडिया के अंश
February 25, 2020 • छोटा अखबार • देश - विदेश


ट्रंप की भारत यात्रा पर अमरीकी मीडिया के अंश

छोटा अखबार।
भारत यात्रा पर आए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा को लेकर अमरीकी मीडिया की खबरो के अंश प्रस्तुत है

ट्रंप की आव भगत के लिये नास्ते में परोसे गए ब्रोकली समोसे को खास जगह देते हुए अमरीकी अख़बार 'वॉशिंगटन पोस्ट' ने लिखा है कि ब्रोकली समोसा किसी को पसंद नहीं आया और ट्रंप ने भी हाथ नहीं लगाया।साबरमती आश्रम में ट्रंप के लिए बनाये खास समोसा में आलू मटर की जगह ब्रोकली और कॉर्न का मिश्रण इस्तेमाल किया गया था। लेकिन ट्रंप सहित अमरीका से आए किसी भी मेहमान को समोसा पसंद न​हीं आया। 

वॉशिंगटन के वॉशिंगटन एग्ज़ामिनर वेबसाइट लिखती है कि दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले लोकतंत्र के साथ सकारात्मक इंगेजमेंट का स्वागत किया जाना चाहिए। लेकिन,अगर ट्रंप भारत को एक ऐसे देश के रूप में देखते हैं, जो कि वॉशिंगटन की इच्छा के अनुरूप कार्य करेगा, तो ये बुद्धिमत्ता की बात नहीं होगी।

वहीं अमरीकी मीडिया ग्रुप MSNBC ने लिखा है कि अमरीका के मौजूदा राष्ट्रपति अपने दिखावे और उत्सव में यक़ीन रखते हैं और विदेशी अधिकारियों ने उनकी इस आत्ममुग्धता को सहलाना सीख लिया है।
MSNBC ने आगे लिखा है कि कुछ राष्ट्रपति स्थानीय छात्रों से संवाद करते हैं या विदेशी पत्रकारों के साथ इंटरव्यू करके जवाब देते हैं। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के लिए ये सामान्य चीज़ें कारगर नहीं हैं। क्योंकि रिपब्लिकन पार्टी से ताल्लुक रखने वाले ट्रंप को नीति, संस्कृति और इतिहास में कोई दिलचस्पी नहीं है।न्यूयॉर्क मीडिया संस्थान क्वार्ट्ज़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि अहमदाबाद में झुग्गियों के सामने दीवार बनाकर इंसानियत को ढक दिया है। 
ट्रंप-मोदी के रोड शो के रास्ते में पड़ने वाली एक झुग्गी को छिपाने के लिए करीब 400 मीटर की दूरी तक चार फुट ऊंची दीवार बनाई गई है। 
रिपोर्ट में आगे लिखा है कि दीवार के पीछे सरणियावास में करीब 700 कच्चे घर हैं। यहां साफ-सफाई, शौचालय, पानी की पाइपलाइन और सीवर सिस्टम का अभाव है। झुग्गी में रहने वाली एक महिला के हवाले से रिपोर्ट में लिखा है। ये बस अंग्रेज़ों की गुलामी है।

अमरीकी मैगज़ीन 'दि अटलांटिक' ने 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम को 'हाउडी मोदी' का सकल बताया है।
आगे लिखा है कि ट्रंप ने हिंदी के कुछ शब्द बोलने की कोशिश की। वह जिस शहर में गए थे, उसका नाम लेने में लड़खड़ाए भी, लेकिन वह जिस भीड़ के लिए भारत गए थे, वह उन्हें मिल गई। मैगज़ीन ने मोदी-ट्रंप की दोस्ती पर लिखा है कि ट्रंप मुस्लिमों को बैन करना चाहते हैं और मोदी यह पहले ही कर चुके हैं। ट्रंप मीडिया को फेक न्यूज़ कहते हैं, मोदी सरकार ने आइना दिखाने वाले मीडिया में दरार डाल दी है।