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सात संकल्पों की थीम पर प्रस्तुत बजट के कुछ अंश
February 21, 2020 • छोटा अखबार • राज्य

सात संकल्पों की थीम पर प्रस्तुत बजट के कुछ अंश

छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2020-21 लिये विधान सभा में बजट प्रस्तुत किया । बजट में ग्राम सेवा सहकारी समितियों, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और उपभोक्ता भण्डारों में 22 करोड़ रूपये से गोदाम बनाने के लिये प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुये इस वर्ष 130 गोदाम बनाने से भण्डारण क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि किसानों को किराये पर खेती संबंधी यंत्र उपलब्ध करवाने के लिए क्रय विक्रय सहकारी समितियों एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 100 कस्टम हायरिंग सिस्टम केन्द्रों की स्थापना के लिए 8 करोड़ रूपये खर्च करने का निर्णय से किसान को खेती कार्य के लिए कम दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकेंगे।


बजट के अनुसार राज्य में आगामी चार वर्षों में 2 हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन होगा। जिससे लाखों किसान सहकारिता से जुडेंगे एवं योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। एक वर्ष में 500 पैक्स/लैम्पस को सौर ऊर्जा से जोड़ने की घोषणा से पैक्स/लैम्पस सशक्त होगी और अपने जरूरत की बिजली उनको मिल पाएगी।विधानसभा में प्रस्तुत बजट में इस बार कोई नया कर नहीं लगाया गया है और कई प्रकार की राहतें दी गई हैं। किसानों को खेती के लिए दिन में दो ब्लॉक में कृषि बिजली की आपूर्ति के लिए 2000 हजार करोड़ की लागत से विद्युत तंत्र का विस्तार एवं सुद्वढ़ीकरण करने के लिए बजट में ऎतिहासिक प्रावधान किए गए हैे। राज्य में 30 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता विकसित करने और थर्मल पावर प्लांट परिसरों में 800 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट विकसित करने एवं छोटी पेयजल परियोजनाओं के संचालन में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी फोकस किया गया है।

शहरों की तरह ग्रामीणों को घर में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1350 करोड़ की लागत से 30 परियोजनाओं को आरम्भ करने की घोषणा से प्रदेश में ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध के लिए चल रही मुहिम को और गति मिलेगी। बजट में प्रदेश के 13 जिलों के लोगों को लाभांवित करने के लिए 37 हजार 200 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी ईस्टर्न कैनाल परियोजना को स्वीकृति प्रदान करने के लिए एक साल में कई बार केन्द्र सरकार से आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य बजट में इस परियोजना को सिंचाई एवं पेयजल के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देने की घोषणा करके राज्य सरकार की जनकल्याण की मंशा को रेखांकित किया है। जिलों में महत्वपूर्ण अभिलेखों के डिजिटाईजेशन और उन्हें अॅानलाईन करने की योजना से देश-विदेश के शोधार्थियों को रिसर्च के जरिए इनमें संचित गूढ़ ज्ञान को प्रकाशित और प्रसारित करने में मदद मिलेगी।


सात संकल्पों की थीम पर प्रस्तुत बजट में जल अभाव वाले राज्य में 12 हजार 500 फार्म पोंड बनाने के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 91 करोड़ खर्च कर 30 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन को बूंद-बूंद सूक्ष्म सिंचाई एवं फव्वारे से सिंचित किया जाएगा। सिंचाई परियोजनाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इससे जल संरक्षण एवं भूमि का जल स्तर बढ़ाने के साथ काश्तकारों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी। 44 स्वतंत्रा एवं एक सौ गौण मंडियां खोलने के साथ निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने से काश्तकार अपने निकटतम स्थान पर सही दाम पर उपज बेच सकेंगे। साथ ही किसानों की आय वृद्धि के लिए कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति बनाने के बाद इस वर्ष दो नए अधिनियम लाए जाएंगे। फसली ऋण वितरण की पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को आसानी से ऋण मिल सकेगा। दो हजार नए जीएसएस एवं 130 गोदाम बनाने से उपज भंडारण में सहूलियत होगी।  पशुपालकों को प्रशिक्षण प्रदान कर नई तकनीक से रूबरू कराया जाएगा जिससे पशुपालक आधुनिक पशुपालन कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।