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राम मंदिर निर्माण पर हुई पहली बैठक
February 21, 2020 • छोटा अखबार • धर्म

राम मंदिर निर्माण पर हुई पहली बैठक

छोटा अखबार।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ 15 सदस्यीय ट्रस्ट दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 में स्थित ट्रस्ट के संस्थापक के. परासरण के घर से चल रहे दफ्तर ने बुधवार को पहली बैठक राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास की अध्यक्ष में हुई। वहीं वीएचपी के उपाध्यक्ष चंपत राय को महासचिव नियुक्त किया।
खबार सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या में 66.7 एकड़ जमीन पर मंदिर निर्माण और प्रबंधन के लिए गठित समिति का नेतृत्व करेंगे। 

बतादें कि शीर्ष अदालत द्वारा राम मंदिर के पक्ष में निर्णय देने व मंदिर निर्माण के लिए न्यास के गठन के आदेश पर पांच फरवरी को केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का ऐलान किया था। दास और राय सीबीआई द्वारा नामित उन लोगों में शामिल हैं, जो 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस से संबंधित आपराधिक षड्यंत्र के मामले में आरोपी थे। वे जमानत पर बाहर हैं और लखनऊ की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है। मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाना होगा और इस ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा का एक सदस्य शामिल होगा। न्यायालय ने कहा कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन अब केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगी, जो इसे सरकार द्वारा बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपेंगे।

ट्रस्ट ने पुणे के गोविंददेव गिरी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया और अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक बैंक खाता खोलने का फैसला किया। महासचिव राय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक की एक शाखा में बचत बैंक खाता खोला जाए और ट्रस्ट के लिये बैंक लाकर को भी उसी बैंक में सुनिश्चित किया जाए। बचत बैंक खाता में कुल तीन व्यक्ति अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होंगे जिनमें चंपत राय सहित गोविंददेव गिरि और डा. अनिल कुमार मिश्रा शामिल हैं। अयोध्या में एक उचित एवं सुरक्षित स्थान खोजा जायेगा जहां पर ट्रस्ट का स्थायी कार्यालय होगा। यह दायित्व दो न्यासी विमलेन्द्र मिश्र और अनिल मिश्र को दिया गया है और दोनों अयोध्या के निवासी हैं।
मंदिर का निर्माण कार्य के मुहूर्त की तिथि के बारे में अभि कुछ भी साफ नहीं है, लेकिन जनकारों का कहना है कि दो अप्रैल को रामनवमी को मुहूर्त कार्य किया जा सकता है। हालांकि इस कार्य के लिये नृपेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है जो विशेषज्ञों एवं अन्य लोगों से विचार विमर्श करके यह तय करेगी कि निर्माण कार्य कब से शुरू किया जाए?