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लॉकडाउन की पालना में पुलिस की बर्बरता से किसान की मौत
April 22, 2020 • छोटा अखबार • देश - विदेश

लॉकडाउन की पालना में पुलिस की बर्बरता से किसान की मौत

छोटा अखबार।

लॉकडाउन का पालन हो लेकिन एक किसान जब अपनी भूखी प्यासी गाय को चारा पानी देकर घर लौट रहा हो, तब कारण जाने बिना उसकी बेरहमी से पिटाई, दरिंदगी एवं बर्बरता है। सरकार में एक तरफ़ तो अपराधी भाग रहे हैं, संभल नहीं रहे हैं। दूसरी तरफ आमजन पिटाई व दमन का शिकार हो रहे हैं और मारे जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में कोविड 19 महामारी में जारी लॉकडाउन की पालना में पुलिस द्वारा एक किसान की बेरेहमी से टिाई के कारण मौत हो गई।

मध्य प्रदेश में कोविड 19 महामारी में जारी लॉकडाउन की पालना में पुलिस द्वारा एक किसान की बेरेहमी से टिाई के कारण मौत हो गई।समाचार सूत्रों के अनुसार मामला 16 अप्रैल 2020 का एमपी के जबलपुर का है। 50 साल के किसान बंशी कुशवाह अपने खेत पर गायों को चारा पानी खिलाकर वापस घर लौट रहा था तब पुलिस ने बिना कारण जाने किसान की बेरेहमी से धुनाई कर दी जिससे वह वहीं बेहोश हो गया। किसान को इलाज के लिये 19 अप्रैल को एक निजी में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार, 20 अप्रैल 2020 को किसान ने दम तौड़ दिया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ संजीव उइके ने सोमवार को इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि लॉकडाउन के दौरान 16 अप्रैल की रात को एक किसान बंशी कुशवाहा की कथित पिटाई करने के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।  उइके का कहना है कि हालांकि किसान की ओर से इस घटना के बारे में पुलिस थाने या पुलिस अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं की गई है। मामले में नगर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से जांच कराई जा रही है। किसान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


दूसरी और प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जबलपुर में शिवराज सरकार की पुलिस ने 50 वर्षीय बंशी कुशवाह नाम के किसान की बेरहमी से उस समय पिटाई की, जब वो अपने खेत में बंधी गाय को चारा ,पानी देकर लौट रहा था। शिवराज सरकार के आते ही प्रदेश में किसानों पर दमन प्रारंभ हो गया है। लॉकडाउन का पालन हो लेकिन एक किसान जब अपनी भूखी प्यासी गाय को चारा पानी देकर घर लौट रहा हो, तब कारण जाने बिना उसकी बेरहमी से पिटाई, दरिंदगी एवं बर्बरता है। सरकार में एक तरफ़ तो अपराधी भाग रहे हैं, संभल नहीं रहे हैं। दूसरी तरफ आमजन पिटाई व दमन का शिकार हो रहे हैं और मारे जा रहे हैं।