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कमलनाथ सरकार संकट में
March 4, 2020 • छोटा अखबार • देश - विदेश

कमलनाथ सरकार संकट में

छोटा अखबार।
मध्य प्रदेश सरकार के आठ विधायकों को गुड़गाँव के एक होटल में बाड़ा बंदी करने से कमलनाथ सरकार पर संकट गहराता नजर आ रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि कांग्रेस विधायकों को बीजेपी ने जबर्दस्ती गुड़गाँव के एक होटल में रखा है। आठ विधायकों में चार कांग्रेस के,सपा-बसपा के एक-एक और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं। 


मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट ने टीवी चैनलों पर ये दावा करते हुए बताया कि उनके चार विधायकों में से एक विधायक बिसाहुलाल सिंह ने फ़ोन कर कहा है कि उन्हें गुड़गाँव के आईटीसी मराठा होटल में जबर्दस्ती रखा गया है और बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। तरुण भनोट ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार के दो मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह उस होटल के पास हैं लेकिन उन्हें अंदर आने नहीं दिया गया।

भनोट ने आरोप लगाया है कि हरियाणा में बीजेपी की सरकार है और उसने होटल में पुलिस की तैनाती कर दी है। यहां बीजेपी के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और वो हमारे दोनों मंत्रियों को होटल के भीतर नहीं आने दे रहे हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी आरोप लगाया था कि बीजेपी उनके विधायकों को रिश्वत के ज़रिए ख़रीदने की कोशिश कर रही है। दिग्विजय सिंह कहा है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने उनके विधायकों 25 से 35 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा है।


उनका आरोप है कि पिछले साल 24 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार पर विधानसभा में हमला बोलते हुए कहा था कि अगर उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से एक इशारा किया गया तो यहां कांग्रेस की सरकार 24 घंटे नहीं टिक सकती है। बता दे कि गोपाल भार्गव के इस दावे के बाद विधानसभा में क्रिमिनल लॉ पर मतदान हुआ था और इसमें कमलनाथ सरकार के पक्ष में 122 विधायकों ने वोट किया था। 231 विधायकों वाली विधानसभा में बहुमत से सात ज़्यादा विधायकों का समर्थन मिला था।ओर तो ओर दो बीजेपी विधायकों ने भी सरकार का समर्थन किया था। अभी राज्य विधानसभा में कुल 228 विधायक हैं। दो सीट विधायकों के निधन से ख़ाली है। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं और बीजेपी के पास 107। बाक़ी नौ विधायकों में दो बीएसपी, एक समाजवादी पार्टी और चार निर्दलीय हैं।