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कांग्रेस का आक्रोश जयपुर में
January 29, 2020 • छोटा अखबार • राजनीति

कांग्रेस का आक्रोश जयपुर में

छोटा अखबार।
गुलाबी शहर जयपुर में हुई आक्रोश रैली में राहुल गांधी युवाओं को कांग्रेस की और मुड़ने का इसारा करते नजर आये। राजस्थान में राहुल का पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद यह पहला बड़ा आयोजन था। आयोजन के वक्ताओं के अनुसार लगता है कि पार्टी में फिर से उनकी ताजपोशी करने की तैयारी है। राहुल गांधी ने अपने भाषणों में बीजेपी सरकार को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने नागरिकता संशोधन क़ानून जैसे मुद्दों पर ज़ोर नहीं देते हुए युवाओं पर ध्यान दिया। 
ओर कहा कि नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ रोज़गार देने का वादा किया था। लेकिन नोट बंदी से एक करोड़ युवाओं के हाथों से रोज़गार चला गया।


पिछले 45 साल में ये सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी का दौर है। यूपीए सरकार के दौरान ग्रोथ रेट 9 प्रतिशत थी। पूरी दुनिया भारत की तारीफ़ कर रही थी। लेकिन अब दर ये घट कर पांच फीसदी रह गई है। विकास दर नापने के पैमाने भी बदल दिए गए हैं। अगर पुराने मापदंड से विकास दर का हिसाब लगाया जाए यह और भी कम होगी।
वक्ताओं में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास जैसे नेताओं को भी खासी तवज्जो दी गई थी। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र और युवा इस मुश्किल दौर में रोशनी की राह दिखा सकते हैं। राहुल ने अपने भाषण में एक-एक कर छात्र और युवा वर्ग से जुड़े सभी मुद्दों पर जोर दिया और केन्द्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश की किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में जाकर छात्र वर्ग को सुनें तो उन्हें हक़ीकत का पता चल जाएगा।
नागरिकता संशोधन क़ानून विरोधी आंदोलन के बीच कांग्रेस ने इस रैली में राष्ट्रीय बेरोज़गारी रजिस्टर का मुद्दा खड़ा कर युवाओं से कहा उन्हें बीजेपी सरकार से रोज़गार के बारे में सवाल पूछना चाहिए।
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ने देश के किसान, मज़दूर, छोटे कारोबारी और व्यापरियों की जेब से पैसा निकालकर अमीर वर्ग की झोली में डाल दिया। प्रधानमंत्री नागरिकता क़ानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर तो खूब भाषण देते हैं। लेकिन ग़रीबी, बेरोज़गारी और जनता के दुःख दर्द पर एक शब्द भी नहीं बोलते है।

आर्थिक हालात पर बालते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री सबसे बड़े व्यापारियों की मदद करते है तो उन्हें किसानों और बेरोज़गारों की भी सहायता करनी चाहिए। लेकिन वो पूरा लाभ चुनिंदा 15 व्यापरियों को दे रहे हैं। जब हमारे युवा लोग प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हैं तो उनके साथ बल प्रयोग किया जाता है, गोलियां चलाई जाती हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया है। पहले लोग भारत में शांति, प्रेम मोहब्बत और भाईचारे के लिए तारीफ़ करते थे। जबकि पड़ोसी पाकिस्तान हिंसा और अराजकता के लिए चर्चा में रहता था। अब भारत की उस छवि को नुकसान पहुंचा है। गांधी का कहना है कि भारत ही चीन का मुकाबला कर सकता है। पश्चिम के अनेक देश चीन की बजाय भारत में निवेश करना चाहते हैं। लेकिन इस माहौल को देख कर वे ठिठक जाते हैं।


राहुल कि इस रैली से प्रतित होता है कि कांग्रेस, बीजेपी के ध्रुवीकरण करने के लिये उन मुद्दों को लोगों के बीच ले जाना चाहती है जो सीधे जनता से जुड़े हुए हैं। इससे पहले विपक्ष में बैठी बीजेपी ने राजस्थान में नागरिकता क़ानून को लेकर जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े शहरों में आयोजन किए और कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया। क्योंकि राजस्थान में पाकिस्तान से शरण मांगने आए हिंदू अल्पसंख्यकों की नागरिकता एक बड़ा मुद्दा है, कांग्रेस ने पिछले माह 23 दिसंबर को जयपुर में अन्य दलों और नागरिक अधिकार संगठनों को लेकर जयपुर में एक बड़ा शांति मार्च निकाला था। कांग्रेस ने इसमें वामपंथी दलों, जनता दल ,आरजेडी और आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियों को भी अपने साथ लिया था। कुछ विश्लेषक कहते हैं कांग्रेस की राजनीति में इस समय राजस्थान का महत्व बढ़ गया है, क्योंकि राजस्थान दिल्ली के नजदीक है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला करने के मामले में मुखर होकर उभरे हैं. ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी दोनों इस राज्य पर खासा ध्यान दिए हुए हैं।


युवक कांग्रेस के महासचिव आयुष भारद्वाज कहते हैं जब पार्टी के प्रमुख नेता किसी राज्य में जाते हैं और नौजवानों से बात करते हैं, उससे पार्टी संगठन को लाभ मिलता है। वो कहते हैं कि यह ऐसा समय है जब छात्र नौजवान बेरोज़गारी से परेशान हैं। पार्टी उनकी आवाज़ को उठाना चाहती है। कांग्रेस दुविधा में उलझी नज़र आती है कि उसे कभी लगता है कि हिन्दू विरोधी न मान लिया जाए और कभी वो धर्मनिरपेक्षता को लेकर भी ठिठक जाती है। लेकिन बीजेपी में ऐसी कोई दुविधा नहीं है। उसे पता है कौन सा जज्बाती मुद्दा कब उठाना है।वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने कांग्रेस की आक्रोश रैली का मजाक उड़ाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया कहते हैं के अनुसार कांग्रेस सरकार ने इस रैली में भीड़ जुटाने के लिए सत्ता का दुरूपयोग किया है। पूनिया कहते है कि सरकार ने कर्मचारियों पर भीड़ के लिए दबाव डाला है। पूनिया का आरोप है कि कांग्रेस राज्य में झूठे वादे कर सत्ता में आ गई और फिर कर्ज माफ़ी और बेरोज़गारी भत्ता जैसे मुद्दों को भूल गई। राहुल गांधी को इसका हिसाब देना चाहिए। राज्य में क़ानून व्यवस्था चरमरा गई है। महिलाओं पर अत्याचारों की घटनाएं बढ़ी हैं। इधर कांग्रेस की राजनीति में राजस्थान की भूमिका बढ़ी है। इससे पहले महाराष्ट्र में सरकार गठन के दौरान वहां के विधायकों की बाड़े बंदी के लिए राजस्थान को काम सौंपा गया था।