ALL राजनीति खेल अपराध मनोरंजन कृषि विज्ञान राज्य योजनाएं धर्म देश - विदेश
जिला कलक्टर ने जारी किए सख्ती के आदेश
April 8, 2020 • छोटा अखबार • राज्य

जिला कलक्टर ने जारी किए सख्ती के आदेश
 
छोटा अखबार।
जयपुर जिला कलक्टर जोगाराम ने एक आदेश जारी कर कहा है कि जयपुर जिले में कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले एवं कोरोना पीड़ितों के सम्पर्क में होने के बावजूद स्वास्थ परीक्षण नहीं कराने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलक्टर ने ये आदेश द राजस्थान एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1957, द डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 और चिकित्सा एवं  स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना के आधार पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं स्थितियों के प्रबन्धन के लिए प्रसारित किए गए हैं।

आदेशानुसार जिले में अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण हैं और उसके द्वारा जानबूझकर स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया जा रहा है और वह होम आइसोलेशन में भी नहीं है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। जिले में निवास कर रहे ऎसे सभी व्यक्ति जिन्होंने किसी कोरोना वायरस पॉजिटिव पीड़ित के सम्पर्क में आने के बावजूद अपना स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करवाया गया है और होम आइसोलेशन में नहीं हैं तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही होेगी। जिला मुख्यालय पर नियोजित विभिन्न क्वारन्टाइन सेन्टर में प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग की निगरानी में रखे गए व्यक्ति मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन करेंगे यानी क्वारन्टाइन सेंटर को अनधिकृत रूप से छोड़ेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग द्वारा नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका के कारण जांच के दायरे में लिए गए व्यक्ति भी अगर उनके द्वारा परीक्षण कराए जाने में व्यवधान उत्पन्न करेंगे या जिनके द्वारा नोवल कोरोना वायरस के परीक्षण या चिकित्सकीय जांच की अवधि के दौरान गलत आचरण, नियम विरूद्ध कृत्य किया जाएगा उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस के संक्रमण के संदर्भ में किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता फर्जी तरीके से प्राप्त करेगा या गलत सूचना के आधार पर कोई लाभ प्राप्त करेगा तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। कोई व्यक्ति बिना किसी आवश्यक परिस्थिति के या बिना औचित्य के अन्य जिले या अन्य राज्य में जाने के लिए पास बनवाने हेतु आवेदन करेगा तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन का समय एवं श्रम खराब होता है और अनुमोदन देने से संक्रमण की संभावना बनी रहती है जो कोरोना की रोकथाम के लिए उचित नहीं है।