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गुजरात में फिर हुआ महिलाओं के साथ कांड
February 23, 2020 • छोटा अखबार • देश - विदेश

गुजरात में फिर हुआ महिलाओं के साथ कांड

छोटा अखबार।
सूरत में 10 महिलाओं को नौकरी के लिए एक अस्पताल में शारीरिक परीक्षण के नाम पर एक कमरे में बिना कपड़ों के खड़े रखा गया। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। 
समाचार सूत्रों के अनुसार यह घटना 20 फरवरी को सूरत म्युनिसिपल कॉरपोरेशन द्वारा संचालित सूरत नगरपालिका चिकित्सा शिक्षा एवं शोध संस्थान अस्पताल में हुई। करीब 10 महिला ट्रेनी क्लर्कों को अस्पताल के प्रसूति रोग वॉर्ड में मेडिकल परीक्षण के लिए बिना कपड़ों के खड़ा रखा गया।


एसएमसी कर्मचारी संघ ने आरोप लगाते हुए सूरत नगरपालिका आयुक्त बंचानिधि पाणि को शिकायत में कहा कि महिला चिकित्सकों ने अविवाहित महिलाओं की भी गर्भावस्था से जुड़ी जांच कीं। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आयुक्त ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक समिति गठित की है जो 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। समिति में मेडिकल कॉलेज की पूर्व डीन डॉ. कल्पना देसाई, सहायक नगरपालिका आयुक्त गायत्री जरीवाला और कार्यकारी अभियंता तृप्ति कलाथिया शामिल हैं। 


प्रशिक्षण अवधि पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार ट्रेनी कर्मचारियों को नौकरी के लिए शारीरिक तौर पर खुद को स्वस्थ साबित करने के लिए शारीरिक परीक्षण से गुजरना होता है। तीन साल का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कुछ महिला प्रशिक्षु लिपिक चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल आई थीं, जो अनिवार्य है। 
कर्मचारी संघ ने कहा कि वह अनिवार्य जांच के खिलाफ नहीं है लेकिन महिला कर्मचारियों की जांच के लिए प्रसूति वार्ड में जो तरीका अपना गया वह सही नहीं था।


संघ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षण के लिए कमरे में महिलाओं को एक–एक करके बुलाने की जगह महिला चिकित्सक ने उन्हें 10 के समूह में बुलाकर बिना कपड़ों के एक साथ खड़ा किया। यह निंदनीय है। यह तरीका अवैध और मानवता के खिलाफ है। यह जरूरी है कि हर महिला की अलग जांच की जाए। महिला कर्मचारियों को महिला चिकित्सक द्वारा परीक्षण के दौरान गर्भावस्था से संबंधित बेतुके सवालों का सामना करना पड़ा।
अविवाहित महिलाओं को भी उन परीक्षणों से गुजरना पड़ा जो यह देखने के लिए थे कि वे गर्भवती हैं या नहीं।
सूरत के महापौर जगदीश पटेल ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। पटेल ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। अगर महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए तो हम दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।