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अमीरी-गरीबी का भेद मिटाती है खादी - मुख्यमंत्री
January 30, 2020 • छोटा अखबार • देश - विदेश

अमीरी-गरीबी का भेद मिटाती है खादी - मुख्यमंत्री

छोटा अखबार।   
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि खादी अमीरी-गरीबी और जाति-धर्म का भेद मिटाती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सत्य, अपरिग्रह, अहिंसा और सादगी के सिद्धांतों को खादी मूर्त रूप प्रदान करती है। हम सभी को खादी को बढ़ावा देने के लिए आगे आना चाहिए और युवा पीढ़ी को भी इससे जोड़ना चाहिए। गहलोत हरिशचंद्र माथुर राज्य लोक प्रशिक्षण संस्थान में खादी के वैश्वीकरण पर दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खादी सीआईसी लंदन की वेबसाइट का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि स्वाभिमान और सम्मान का कारण है। खादी को लेकर आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन से खादी के प्रति नई पीढ़ी में रूचि जागृत होगी और खादी को एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में जो भी सुझाव आएंगे राज्य सरकार उन पर अमल करने का पूरा प्रयास करेगी। खादी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोजगार का एक बड़ा माध्यम होने के साथ ही महिला सशक्तीकरण का भी प्रमुख जरिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खादी एवं खादी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए खादी वस्त्रों पर राजस्थान में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। 


गहलोत ने कहा कि खादी के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं में नई पीढ़ी का रूझान कम देखने को मिलता है। आज गांवों में रोजगार कम हो रहे हैं और बुनकर एवं कातिनों की संख्या भी लगातार कम हो रही है। ऎसे में राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि ऎसी योजनाएं बनाई जाएं जिससे रोजगार भी बढ़े और बुनकरों-कातिनों की तादाद बढ़ सके।

हमारा प्रयास होना चाहिए कि नई पीढ़ी को खादी से जोड़ा जाए उन्होंने कहा कि गांधी जी की 150वीं जयन्ती वर्ष के कार्यक्रम प्रदेश में 2 अक्टूबर, 2020 तक आयोजित किए जाने का उद्देश्य यही है कि गांधी जी के विचार जन-जन तक पहुंचे और युवा इनसे प्रेरणा ले सकें। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग सुबोध अग्रवाल ने कहा कि खादी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने रिवॉल्विंग फंड 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया है। बीकानेर में खादी प्लाजा का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही खादी की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन कम्पनियाें के प्लेटफॉर्म का भी उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है।