High Court: सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी या घोंघे की गति से नहीं चल सकती —राजस्थान हाईकोर्ट

High Court: सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी या घोंघे की गति से नहीं चल सकती —राजस्थान हाईकोर्ट छोटा अखबार। हाईकोर्ट ने कहा कि SC/ST एक्ट की धारा 15ए का अनुपालन, जिसके तहत SC/ST Act के तहत आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजना जरूरी है, तब भी पूरा होता है, जब ऐसी सूचना SMS व्हाट्सएप के जरिए मोबाइल पर भेजी गई हो। कोर्ट ने कहा पुलिस महानिदेशक और राज्य के प्रमुख सचिव को सभी जांच अधिकारियों/सभी पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारियों को निर्देश देने का निर्देश दिया कि SC/ST Act के तहत अपराधों के लिए दायर जमानत याचिकाओं के लिए जब भी कोर्ट सरकारी वकील को शिकायतकर्ता/पीड़ित/पीड़ित पक्ष को सूचना भेजने का निर्देश दे, तो वे रिकॉर्ड पर मैसेज/टेक्स्ट मैसेज/व्हाट्सएप मैसेज का सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करें। यह कोर्ट को सक्षम बनाने के लिए है। संदर्भ के लिए, SC/ST Act की धारा 15ए में यह अनिवार्य किया गया कि SC/ST Act के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोपी व्यक्तियों की जमानत पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजी जानी चाहिए। जस्टिस अनूप कुमा...