BAJAT 2026-27: बोर बजट और बोर प्रस्तुतिकरण :-फाइलों में दफन विज़न और 'प्रेस नोट' बन गया राजस्थान का बजट 12 फरवरी 2026 छोटा अखबार। राजस्थान की विधानसभा में आज जो वित्तीय लेखा-जोखा पेश हुआ, वह केवल आंकड़ों का मायाजाल था, जिसमें न तो राज्य की चुनौतियों से लड़ने की 'धार' थी और न ही भविष्य को संवारने का कोई 'विज़न'। वित्त मंत्री दिया कुमारी का बजट भाषण सुनकर ऐसा महसूस हुआ मानो वे राज्य की तकदीर नहीं, बल्कि सचिवालय के गलियारों में अफसरों द्वारा तैयार किया गया एक 'नीरस प्रेस नोट' पढ़ रही हों। बजट का यह स्वरूप बताता है कि जब सत्ता का अनुभवहीन नेतृत्व पूरी तरह 'अफ़सरशाही' के रहम-ओ-करम पर निर्भर हो जाता है, तो नतीजे कितने सतही हो सकते हैं। अफ़सरशाही का वर्चस्व, नेतृत्व का सरेंडर । बजट के पन्नों को पलटें तो स्पष्ट दिखता है कि वित्त सचिव वैभव गैलेरिया और उनकी टीम ने इसे एक 'बैलेंस शीट' की तरह तैयार किया है, जिसमें मानवीय संवेदनाओं और जनता की चीखों के लिए कोई जगह नहीं है। वित्त मंत्री के प्रस्तुतिकरण में वह आत्मविश्वास और राजनीतिक पकड़ पूरी तरह नदारद रह...